विश्व पटल पर अमेरिका के सफ़ल ‘मेडियोर रैड’ ऑपरेशन ने माडुरो को बेअसर किया: ट्रम्प के दावों पर विवाद

14 फ़रवरी, 2026 को जारी की गयी अमेरिकी प्रेस रिलीज़ में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस माडुरो के खिलाफ चलाया गया विशेष बलों का अभियान अमेरिका की “पूरी सैन्य क्षमता” का प्रदर्शन था। ट्रम्प ने फ़ोर्ट ब्रैग में एक सभा के दौरान कहा कि इस ऑपरेशन ने आतंकवाद और संगठित पाप को समाप्त करने के प्रतिबद्धता को सिद्ध किया और भविष्य में ऐसे कई अभियान होने की घोषणा भी की। ट्रम्प के अनुसार, ऑपरेशन का लक्ष्य न केवल माडुरो को बेअसर करना था, बल्कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका की शक्ति का संदेश भेजना भी था।
हालांकि, विपक्ष और अंतरराष्ट्रीय नीति विशेषज्ञों ने इस बयान पर कठोर प्रतिक्रिया दी है। आलोचकों का कहना है कि ट्रम्प की इस टिप्पणी से वैश्विक राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है और यह समाजों में विद्यमान विभाजन को और भी तीव्र कर सकता है। कुछ विश्लेषकों के अनुसार यह बयान 2026 के मध्य अमेरिका चुनावी माहौल में एक रणनीतिक हथकंडा भी हो सकता है।
वेनेज़ुएला सरकार ने ट्रम्प के दावों का खंडन करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यों से अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होता है और इससे अमेरिका–लैटिन अमेरिकी रिश्तों पर गहरा असर पड़ेगा। कई वैश्विक साझेदारों ने भी संयम बरतने की अपील की है और कहा है कि किसी भी प्रकार के सैन्य हस्तक्षेप से स्थिरता संकट में पड़ सकती है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका–वेनेज़ुएला के संबंध कई दशकों में सबसे बड़े तनाव का सामना कर रहे हैं। ट्रम्प की टिप्पणी ने वैश्विक मंच पर विवाद खड़ा कर दिया है कि क्या किसी भी देश की सैन्य कार्रवाई को “शक्ति प्रदर्शन” के रूप में देखा जाना चाहिए?


