कवर्धा के सरस मेले में महिला समूहों को मिली आर्थिक ताकत, 11.43 करोड़ की मदद से बढ़ेगा स्वरोजगार

रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत कवर्धा के सरदार पटेल मैदान में चार दिवसीय संभागीय सरस मेले की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया। इस मौके पर महिला स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 11.43 करोड़ रुपए की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए, जिससे उनके आजीविका कार्यों को नई मजबूती मिलेगी।
मेले के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों, कच्चे माल, उत्पादन प्रक्रिया और बिक्री की जानकारी ली। लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं अब परिवार की आर्थिक रीढ़ बनकर उभर रही हैं और गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस संभागीय सरस मेले से दुर्ग संभाग के सात जिलों की महिला स्व-सहायता समूहों को लाभ मिल रहा है। दैनिक उपयोग की सामग्री, जैविक खाद्य उत्पाद और स्थानीय हस्तशिल्प वस्तुओं को बाजार उपलब्ध कराने का यह मंच महिलाओं की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगा। सरकार का उद्देश्य वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देना और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में 2 लाख 69 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। शासन द्वारा ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम हिंदी के साथ गोंडी और हल्बी भाषा में भी संचालित किया जा रहा है, ताकि दूरस्थ अंचलों की महिलाएं भी इससे लाभान्वित हो सकें। प्रदेश में 300 महतारी सदनों का निर्माण भी किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं और बुजुर्गों को पेंशन राशि गांव में ही उपलब्ध कराने के लिए हर ग्राम पंचायत में अटल डिजिटल सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं। महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म एप तैयार करने की तैयारी भी चल रही है, जिससे आम लोग सीधे समूहों द्वारा बनाए गए सामान खरीद सकेंगे।
सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घरों में भी महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाई है। अब महिलाएं डीलर दीदी के रूप में छड़ और सीमेंट की सब-डीलर बनने के साथ सेंट्रिंग प्लेट निर्माण जैसे कार्यों में भी सक्रिय हैं। सरस मेले में बैंक लिंकेज के तहत 10 करोड़ रुपए का अंतरण किया जाएगा। साथ ही 271 महिला समूहों को 40.65 लाख रुपए की चक्रीय निधि और 172 समूहों को 1.03 करोड़ रुपए की सामुदायिक निवेश निधि दी जाएगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू ने कहा कि सरकार महिला समूहों को अधिक से अधिक स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि यह मेला 23 मार्च से 26 मार्च तक आयोजित होगा। मेले में मिलेट उत्पाद, बिस्कुट, अचार, पापड़, फिनायल, दोना-पत्तल, अगरबत्ती, बिरनमाला और हैंडलूम बैग जैसे कई स्थानीय उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
इस संभागीय सरस मेले में कबीरधाम के साथ राजनांदगांव, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर और अंबागढ़ चौकी के महिला स्व-सहायता समूहों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई है। यह आयोजन महिला समूहों को बाजार, पहचान और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत मंच दे रहा है।




