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2161 करोड़ छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: लखमा को मिले 64 करोड़, ईओडब्ल्यू ने 1100 पन्नों की पूरक चार्जशीट दाखिल की

2161 crore Chhattisgarh liquor scam: Lakhma got 64 crores, EOW filed 1100 pages supplementary charge sheet

रायपुर, छत्तीसगढ़ – देशभर में सुर्खियों में रहे छत्तीसगढ़ के 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 1100 पन्नों की चौथी पूरक चार्जशीट विशेष अदालत में दाखिल की है।

इस चार्जशीट में 66 पेज की समरी के साथ घोटाले का विस्तृत विवरण और कवासी लखमा की अहम भूमिका का उल्लेख किया गया है।

ईडी ने जनवरी 2025 में की थी लखमा की गिरफ्तारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 जनवरी 2025 को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनसे दो बार ईडी कार्यालय में पूछताछ की जा चुकी थी। गिरफ्तारी के बाद उन्हें:

  • 7 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा गया
  • फिर 21 जनवरी से 4 फरवरी तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखा गया
  • इसके बाद कोर्ट ने रिमांड को 18 फरवरी तक बढ़ा दिया

सुरक्षा बलों की कमी के चलते उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करवाई गई।

भूपेश बघेल सरकार के समय का मामला

यह घोटाला तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल से जुड़ा हुआ है। 11 मई 2022 को आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में याचिका दाखिल कर छत्तीसगढ़ में रिश्वतखोरी और अवैध वसूली का खुलासा किया था।

इस मामले में रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर पर अवैध वसूली का आरोप लगाया गया। इसी आधार पर ईडी ने 18 नवंबर 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया।

आबकारी नीति में बदलाव से शुरू हुआ घोटाला

ईडी की चार्जशीट के अनुसार, 2017 में छत्तीसगढ़ सरकार ने आबकारी नीति में बदलाव करते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के जरिए शराब बिक्री की व्यवस्था शुरू की।

2019 में अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का प्रबंध निदेशक बनवाया और इसके बाद अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक रसूखदारों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार का एक सिंडिकेट बनाया गया। इसी के जरिए यह 2161 करोड़ रुपये का घोटाला अंजाम दिया गया।

21 आरोपी नामजद

इससे पहले 13 मार्च को ईडी ने 3841 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 21 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  • कवासी लखमा (पूर्व आबकारी मंत्री)
  • अनवर ढेबर
  • अनिल टुटेजा (पूर्व आईएएस अधिकारी)
  • यश टुटेजा
  • सौम्या चौरसिया
  • त्रिलोक सिंह ढिल्लन
  • छत्तीसगढ़ डिस्टलर
  • वेलकम डिस्टलर
  • ओम सांई ब्रेवरेज
  • दिशिता वेंचर
  • भाटिया वाइन मर्चेंट
  • सिद्धार्थ सिंघानिया

छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा भ्रष्टाचार

यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में गहराई से फैले भ्रष्टाचार के नेटवर्क को उजागर करता है। जांच अब भी जारी है और आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।