छत्तीसगढ़ कांग्रेस की नई रणनीति: जाति और क्षेत्र के समीकरण पर ज़ोर, सत्ता की वापसी का बड़ा प्रयास

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन मजबूत करने की तैयारी में जुटी है। पार्टी ने हाल ही में संगठन सृजन कार्यक्रम तेज कर दिया है, जिसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस में बड़े बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। खास बात यह है कि प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के सहयोग के लिए कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने की योजना बन रही है, जिसमें ओबीसी या सामान्य वर्ग तथा एससी वर्ग से दो नेताओं को जगह दी जा सकती है।
इस कदम के पीछे भाजपा की नई मंत्रिमंडल घोषणा का असर साफ दिखाई देता है। भाजपा ने हाल ही में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है, जिसमें एससी समुदाय से गुरु खुशवंत साहेब को मंत्री बनाया गया है, जबकि पहले से ही इस वर्ग का एक मंत्री सरकार में शामिल है। साथ ही ओबीसी वर्ग के मंत्रियों की संख्या भी पर्याप्त है। ऐसे में कांग्रेस अपने संगठन में भी इन वर्गों का प्रतिनिधित्व बढ़ाकर राजनीतिक संतुलन बनाए रखना चाहती है।
कुछ महीने पहले प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव की चर्चा जोरों पर थी, लेकिन अब माना जा रहा है कि दीपक बैज फिलहाल पद पर बने रहेंगे। हालांकि, दो नए कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाएं तेज हैं, जो जाति और क्षेत्रीय समीकरण को ध्यान में रखकर किए जाएंगे। यह रणनीति कांग्रेस ने पहले भी अपनाई है और अब इसे दोबारा लागू करने की तैयारी है।
जाति-क्षेत्र के समीकरण से संगठन को ताकत
ओबीसी समुदाय छत्तीसगढ़ का एक बड़ा वोट बैंक है और कांग्रेस के लिए इसे मजबूत करना जरूरी है। कार्यकारी अध्यक्ष पद पर ओबीसी नेता की नियुक्ति पार्टी को चुनावी समर में फायदा पहुंचा सकती है। एससी समुदाय पर भी दोनों मुख्य पार्टियां अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में हैं। भाजपा ने हाल ही में अपने मंत्रिमंडल में एससी समुदाय का दूसरा मंत्री शामिल कर लिया है, जिससे कांग्रेस भी इस वर्ग पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है।
महिला नेतृत्व में बदलाव की संभावना
प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी के विस्तार के साथ महिला कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर भी नई नियुक्ति की उम्मीद है। पिछले 18 महीनों में महिला कांग्रेस की निष्क्रियता को देखते हुए पार्टी किसी सक्रिय और प्रभावशाली महिला नेता को इस जिम्मेदारी देने पर विचार कर रही है, ताकि महिलाओं में पार्टी की पकड़ मजबूत हो सके।
संगठन सृजन 30 सितंबर तक पूरा होगा
पार्टी ने बूथ, मंडल और ब्लॉक स्तर पर संगठन सृजन का काम 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस प्रक्रिया के तहत जिलाध्यक्षों की नियुक्ति भी की जाएगी और संभव है कि इसी दौरान कार्यकारी अध्यक्षों की घोषणा भी हो जाए।
नेता रविंद्र चौबे ने फिर छेड़ी प्रदेश अध्यक्ष पर चर्चा
वरिष्ठ नेता रविंद्र चौबे ने प्रदेश अध्यक्ष पद पर पुनः चर्चा शुरू कर दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व भूपेश बघेल के हाथ में होना चाहिए, क्योंकि वे ही भाजपा के खिलाफ लड़ाई की ताकत हैं। इस पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि चौबे जी महाज्ञानी वरिष्ठ नेता हैं और उनका बयान उनका निजी मत है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष के कथन को दोहराया कि कांग्रेस कलेक्टिव नेतृत्व के साथ जनहित के मुद्दों पर ही चुनाव लड़कर दोबारा सत्ता में आएगी।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस की यह तैयारी आगामी चुनाव की बड़ी लड़ाई में अपनी पकड़ मजबूत करने के संकेत देती है। जाति, क्षेत्र और महिला नेतृत्व पर फोकस कर पार्टी अपनी रणनीति को पुख्ता कर रही है ताकि भाजपा के खिलाफ मुकाबला बेहतर तरीके से किया जा सके।