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गणेश चतुर्थी 2025: जब विघ्नहर्ता करें जीवन की हर राह आसान, तो क्यों न जपे जाएं ये 8 चमत्कारी मंत्र!

हर साल भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को समर्पित होता है वह पर्व, जब घर-घर गूंजती है “गणपति बप्पा मोरया” की गूंज, जब मिट्टी की मूरतों में बसते हैं भावनाओं के सागर, और जब श्रद्धालु अपनी हर कामना लेकर आते हैं भगवान गणेश की शरण में।

गणेश चतुर्थी न केवल आस्था का पर्व है, बल्कि यह एक आत्मिक पुनर्जन्म का अवसर भी है। यह वो दिन है जब हम नकारात्मकता को पीछे छोड़कर, नए सिरे से जीवन को संवारने का संकल्प लेते हैं — श्रीगणेश के आशीर्वाद से।

इस पावन अवसर पर यदि आप भी चाहते हैं कि आपके जीवन से विघ्न और बाधाएँ दूर हो जाएं, तो इन 8 शक्तिशाली गणेश मंत्रों का जप अवश्य करें। ये मंत्र केवल ध्वनि नहीं, बल्कि दिव्य ऊर्जा के स्रोत हैं।

🔱 गणेश जी के 8 चमत्कारी मंत्र 🔱

ॐ गं गणपतये नमः

हर नई शुरुआत का यह बीज मंत्र है। इसके उच्चारण से सकारात्मकता का प्रवाह होता है और सफलता की राह खुलती है।

वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभा…
इस मंत्र में हर कार्य को निर्विघ्न रूप से पूर्ण करने की कामना की जाती है। इसे विवाह, परीक्षा या किसी नए प्रोजेक्ट से पहले जरूर पढ़ें।

ॐ एकदन्ताय विद्महे… तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्।

यह गणेश गायत्री मंत्र आपकी बुद्धि, एकाग्रता और स्मरण शक्ति को निखारता है – विशेषकर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी।

ॐ नमो सिद्धि विनायकाय… श्रीं ॐ स्वाहा।

कार्यसिद्धि और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए यह मंत्र अद्भुत है। इसका जप जीवन में उन्नति की राह प्रशस्त करता है।

ॐ विज्ञानाशनाय नमः

एक छोटा लेकिन अत्यंत प्रभावशाली मंत्र – जो हर बड़ी मुश्किल को भी सरल बना देता है।

गणेश गायत्री मंत्र – तत्पुरुषाय विद्महे…

मानसिक शांति, आत्मबल और विवेक के लिए यह ध्यानमंत्र रामबाण की तरह काम करता है।

लक्ष्मी-विनायक मंत्र – ॐ श्रीँ गं सौम्याय…

इस मंत्र से धन, समृद्धि और पारिवारिक खुशहाली का द्वार खुलता है। यह माता लक्ष्मी और गणेश – दोनों का आशीर्वाद दिलाता है।

गणेश-कुबेर मंत्र – ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।

इस धनवर्धक मंत्र के जप से आय के नए स्रोत बनते हैं और आर्थिक स्थिरता प्राप्त होती है।

🪔 मंत्र जप की विधि – कैसे करें आरंभ?

सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

गणपति की मूर्ति या तस्वीर के सामने आसन पर बैठें।

मन को शांत करें और गहरी सांस लेते हुए मंत्र का उच्चारण शुरू करें।

कम से कम 108 बार जप करने का प्रयास करें, माला का उपयोग कर सकते हैं।

हर मंत्र के साथ श्रद्धा, विश्वास और आभार की भावना रखें।

🙏 गणेश चतुर्थी पर मंत्र जाप क्यों है विशेष?

यह दिन सिर्फ गणेश जी की मूर्ति स्थापना का नहीं, बल्कि अपने अंदर छिपी शक्ति को पहचानने का दिन है। जब आप इन मंत्रों का जाप करते हैं, तो हर शब्द आपके भीतर ऊर्जा का संचार करता है, विघ्न दूर होते हैं, और जीवन में आशा का एक नया सूरज उगता है।

इस गणेश चतुर्थी, सिर्फ मोदक और मिष्ठान ही नहीं, मन और वचन से भी करें गणपति का स्वागत। और इन मंत्रों को अपनी आराधना में शामिल कर, अपने जीवन को बनाएं सौभाग्यशाली, समृद्ध और सफल।

गणपति बप्पा मोरया! मंगलमूर्ति मोरया!

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