रायपुर। छत्तीसगढ़ ने साउथ एशिया ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्सिबिशन 2026 में हिस्सा लिया और राज्य को ‘अन्छुए अनुभवों की धरती’ के रूप में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। रिपोर्ट में बताया गया है कि यह छवि राज्य के पर्यटन को नए आयाम देने की उम्मीद जगाती है।
हालाँकि इस घोषणा पर राज्य के कुछ पर्यटन व्यवसायियों ने कहा है कि यह स्लोगन असलियत से परे और विज्ञापनीय प्रमोशन जैसा लगता है। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में सच्चे पर्यटक आकर्षण और सुविधाओं के अभाव में यह टैग प्रचार की एक चाल है, न कि वास्तविकता। वहीं युवा और स्थानीय कलाकारों का कहना है कि इससे छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी।






