छत्तीसगढ़ ने दक्षिण कोरिया में खोले निवेश के नए द्वार, वैश्विक साझेदारी को मिली मजबूती

रायपुर। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में प्रदेश की निवेश संभावनाओं को लेकर उत्साहजनक चर्चाएं हुईं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन और निवेशकों के सामने छत्तीसगढ़ की प्रगति, संसाधन और विकास की तैयारियों को विस्तार से साझा किया।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति 2024-30 राज्य को वैश्विक निवेश के लिए पूरी तरह से तैयार करती है। प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता, कुशल मानव संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी से छत्तीसगढ़ ने अपनी मजबूत स्थिति साबित की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां जल, ऊर्जा, लौह अयस्क और स्टील की भरपूर उपलब्धता कोरियाई निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निवेशकों को सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, सरल व्यापार प्रक्रियाएं और उद्योग-अनुकूल नीतियों के तहत हर संभव समर्थन प्रदान कर रही है। छत्तीसगढ़ अब खनिज, ऊर्जा, इस्पात, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए खुला मंच है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि छत्तीसगढ़ का विकास सिर्फ औद्योगिक विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और किसानों को बेहतर आय सुनिश्चित करने पर भी केंद्रित है। औद्योगिकीकरण के साथ सामाजिक सशक्तिकरण भी हमारी प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भारत के दक्षिण कोरिया स्थित राजदूत अमित कुमार से भी मुलाकात की, जिसमें द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग और निवेश बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। स्टील, खनिज, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर सहमति बनी।
सियोल में आयोजित इस मंच पर मुख्यमंत्री ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और व्यावसायिक रिश्तों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कोरियाई निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ को अपने अगले औद्योगिक गंतव्य के रूप में चुनें और साझा विकास की इस यात्रा का हिस्सा बनें।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और निवेश संवर्धन एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।