चीन दौरे के दौरान मोदी के खिलाफ रची गई थी गहरी साजिश ? भारतीय खुफिया एजेंसियों ने की नाकाम !

31 अगस्त 2025 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका के वेस्टिन होटल में अमेरिकी विशेष बल अधिकारी टेरेंस अरवेल जैक्सन मृत पाए गए। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन दौरे के साथ ही हुई, जिसके चलते सोशल मीडिया पर कई साजिश-सिद्धांत फैल गए।
आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, जैक्सन 50 वर्ष के थे और अमेरिकी आर्मी की 1st स्पेशल फोर्सेस कमांड (एयरबोर्न) में कमांड इंस्पेक्टर जनरल के रूप में कार्यरत थे। वे 27 या 29 अगस्त को ढाका पहुंचे थे और 31 अगस्त को होटल के कमरे में मृत पाए गए। ढाका पुलिस ने प्रारंभिक जांच में मौत को “स्वाभाविक कारणों” से बताया और किसी प्रकार की हिंसा का संकेत नहीं मिला ।
हालांकि, अमेरिकी दूतावास को बिना पोस्टमार्टम शव सौंपे जाने ने कई सवाल खड़े किए। सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि जैक्सन CIA एजेंट थे और भारत या प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ साजिश की योजना बना रहे थे। कुछ पोस्टों में यहां तक कहा गया कि रूस की खुफिया एजेंसियों ने भारत की मदद से “सीक्रेट ऑपरेशन” चलाकर जैक्सन को खत्म किया, लेकिन इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है ।
फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट LatestLY ने स्पष्ट किया है कि इन दावों का कोई ठोस सबूत नहीं है और इन्हें सोशल मीडिया पर फैलाए गए “अनवेरिफाइड थ्योरी” के रूप में देखा जाना चाहिए। ढाका पुलिस, अमेरिकी दूतावास और बांग्लादेश सरकार द्वारा भी ऐसे किसी हत्यारोपण या साजिश की पुष्टि नहीं की गई है ।
संक्षेप में, ढाका में अमेरिकी अधिकारी की रहस्यमयी मौत वास्तविक है, लेकिन रूस या भारत द्वारा “सीक्रेट ऑपरेशन” चलाने और पीएम मोदी के खिलाफ साजिश रोकने से जुड़े सभी दावे सिर्फ अटकलें हैं, जिनका कोई विश्वसनीय प्रमाण उपलब्ध नहीं है।



