सोशल मीडिया पर गर्जना, मैदान में हार! पाकिस्तान के SSG कमांडो की स्थिति बदतर

पाकिस्तान की कथित एलीट फ़ोर्स स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रही है। वजह है एक वायरल वीडियो, जिसमें एसएसजी के जवान भारत और इजरायल के खिलाफ नारेबाज़ी करते नज़र आ रहे हैं।
ये वीडियो उसी समय सामने आया है, जब पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को हाल ही में चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज जैसा बड़ा पद मिला है। माना जा रहा है कि मुनीर की ताकत बढ़ने के बाद पाकिस्तानी सेना में मनोबल बढ़ा है—लेकिन सिर्फ सोशल मीडिया पर।
ज़मीन पर कहानी बिल्कुल अलग है।
एक महीने में 30 कमांडो ढेर
साल 2025 अब तक SSG के लिए भारी साबित हुआ है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि नवंबर तक इस यूनिट ने 30 से ज़्यादा कमांडो खो दिए।
पाकिस्तानी सेना ने आधिकारिक रूप से 21 कमांडो की मौत स्वीकार की है। इनमें ज्यादातर टीटीपी और बलूच विद्रोहियों के साथ मुठभेड़ों में मारे गए।
कुछ सैनिकों की मौत तथाकथित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय जवाबी कार्रवाई में होने की भी चर्चा है।
दावा: पाकिस्तान की सबसे प्रशिक्षित यूनिट
मरून रंग की टोपी से पहचान पाने वाली SSG यूनिट की स्थापना 1956 में हुई थी और यह पहाड़ी युद्ध और आतंकवाद विरोधी अभियानों में विशेषज्ञ मानी जाती है।
लेकिन इस यूनिट का नाम मानवाधिकार उल्लंघन, यातना और क्रूरता जैसे आरोपों के साथ भी जुड़ता रहा है।
2025: पाकिस्तान फौज के इतिहास का सबसे खतरनाक साल
इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के अनुसार, सिर्फ 2025 में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों को 1,100 से अधिक जवानों का नुकसान हुआ है, जो 1971 युद्ध के बाद सबसे बड़ा आंकड़ा है।
सोशल मीडिया पर नारे लगाने और हथियार हवा में लहराने वाली यह सेना जमीनी लड़ाई में लगातार कमजोर साबित हो रही है।
यही वजह है कि आलोचक कह रहे हैं —
“मुनीर की फौज असली जंग नहीं, कैमरे के सामने लड़ रही है।”


