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सखी केंद्र बना महिलाओं का भरोसेमंद सहारा, महासमुंद में व्यवस्थाओं की हुई समीक्षा

महासमुंद जिले में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का शनिवार को निरीक्षण किया गया। इस दौरान केंद्र में महिलाओं को एक ही छत के नीचे मिल रही सहायता सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के समय अधिकारियों ने बताया कि अगस्त 2017 से अब तक केंद्र के माध्यम से 1265 मामलों में महिलाओं को सहयोग दिया जा चुका है, वहीं वर्तमान में हर माह औसतन 15 से 20 प्रकरण सामने आ रहे हैं।

निरीक्षण के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि महिलाओं और बालिकाओं को हर स्तर पर सुरक्षित माहौल मिले। इसके लिए जरूरी संसाधन और व्यवस्थाएं समय पर उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही निर्देश दिए गए कि सखी केंद्र में पहुंचने वाली प्रत्येक महिला को त्वरित और प्रभावी सहायता मिले।

केंद्र के स्टाफ ने जानकारी दी कि हिंसा से प्रभावित महिलाओं को यहां निःशुल्क कानूनी सहायता, पुलिस सहयोग, मनोवैज्ञानिक परामर्श, चिकित्सकीय सुविधा और अस्थायी आश्रय जैसी सेवाएं दी जाती हैं। महिलाओं की मदद के लिए टोल फ्री नंबर 181 भी लगातार सक्रिय है।

निरीक्षण के दौरान सखी शब्द के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया गया कि यह प्रत्येक जिले में महिलाओं के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद स्थान है, जहां गोपनीयता के साथ उनकी समस्याओं का समाधान किया जाता है। गांव-गांव तक सखी योजना के प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए कहा गया कि इससे वे महिलाएं भी आगे आ सकेंगी, जो थाने या न्यायालय जाने में झिझक महसूस करती हैं।

अंत में अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय महिला प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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