गांधीनगर की धरती से उठी रहस्यमयी ‘धमक’, 3000 साल पुराने राज़ के खुलने के संकेत

गुजरात की राजधानी गांधीनगर के समीप जमीन के नीचे दबी एक अनकही कहानी अचानक सुर्खियों में आ गई है। पुरातत्व विभाग की खुदाई के दौरान जैसे ही मिट्टी की परतें हटनी शुरू हुईं, वैसे ही धरती के भीतर से आई एक गूंजती ‘धमक’ ने सभी को चौंका दिया। यह आवाज़ मानो सदियों से खामोश पड़े इतिहास के दरवाज़े पर दस्तक हो।
विशेषज्ञों की शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह स्थल करीब 3000 वर्ष पुराना हो सकता है। खुदाई के दौरान बार-बार सुनाई दे रही गूंज ने स्थानीय लोगों की कल्पनाओं को भी पंख दे दिए हैं। गांवों में चर्चा है कि शायद यहां कोई गुप्त तहखाना, विशाल पत्थर की संरचना या फिर पूरी की पूरी प्राचीन बस्ती दबी हुई है।
पुरातत्व अधिकारियों का कहना है कि जमीन के नीचे खोखले हिस्से या बड़ी संरचनाओं के कारण ऐसी आवाजें आ सकती हैं। यदि यह स्थल सिंधु घाटी सभ्यता या उसके बाद के किसी कालखंड से जुड़ा साबित होता है, तो भारतीय इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ सकता है। एहतियातन खुदाई की रफ्तार धीमी कर दी गई है और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, ताकि अमूल्य धरोहर को कोई नुकसान न पहुंचे।
जैसे-जैसे यह खबर फैली, आसपास के इलाकों में उत्सुकता का माहौल बन गया। हर किसी के मन में एक ही सवाल है—क्या यह कोई प्राचीन मंदिर है, कोई राजसी खजाना या फिर समय की रेत में खोई एक पूरी सभ्यता? जवाब आने में वक्त लगेगा, लेकिन फिलहाल गांधीनगर की धरती से उठी यह ‘धमक’ इतिहास प्रेमियों और वैज्ञानिकों दोनों की नींद उड़ा रही है।



