नेपाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर: बालेन शाह–रबी लामिछाने की जोड़ी चुनावी मैदान में

नेपाल की राजनीति में अगले आम चुनाव से पहले बड़ा सियासी समीकरण बन गया है। काठमांडू के लोकप्रिय मेयर बलेंद्र बालेन शाह और पूर्व टीवी होस्ट रबी लामिछाने ने हाथ मिलाकर चुनावी रण में उतरने का ऐलान कर दिया है। यह गठबंधन इस साल की शुरुआत में हुए युवा आंदोलनों और सत्ता परिवर्तन के बाद सामने आया है, जिसने देश की राजनीति की दिशा बदल दी थी।
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) और बालेन शाह के बीच हुए समझौते के तहत, यदि आरएसपी चुनाव जीतती है तो बालेन शाह प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे, जबकि रबी लामिछाने पार्टी अध्यक्ष बने रहेंगे। लामिछाने ने साफ किया कि यह गठबंधन किसी व्यक्ति की महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि देश की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है।
5 मार्च 2026 को होने वाले आम चुनाव से पहले इस घोषणा ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। रविवार को दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया। राजनीतिक जानकार इसे नेपाल की पारंपरिक पार्टियों—केपी ओली की सीपीएन-यूएमएल और नेपाली कांग्रेस—के लिए बड़ी चुनौती मान रहे हैं।
इधर, नेपाल की राजनीति में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। महंत ठाकुर की जनता समाजवादी पार्टी (जेएसपी) और उपेंद्र यादव की लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी (एलएसपी) ने विलय की घोषणा कर दी है। दोनों दलों का कहना है कि यह कदम संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य को मजबूत करने, सामाजिक न्याय और समावेशी व्यवस्था को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कौन हैं बालेन शाह?
35 वर्षीय बालेन शाह काठमांडू के मौजूदा मेयर हैं। पेशे से इंजीनियर और कभी रैपर रहे शाह ने एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर राजनीति में एंट्री की थी। युवा आंदोलनों के दौरान उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और चुनावी तैयारियों की निगरानी कर रही अंतरिम सरकार के गठन में भी उनकी अहम भूमिका रही। हालांकि, कुछ आलोचक आंदोलनों के दौरान उनकी सक्रियता को लेकर सवाल भी उठाते रहे हैं।
कुल मिलाकर, बालेन शाह और रबी लामिछाने का यह गठबंधन नेपाल की राजनीति में नई लकीर खींचता नजर आ रहा है।




