STREE परियोजना से ग्रामीण महिलाओं को नई उड़ान, एनआईटी रायपुर को मिली 90 लाख की मंजूरी

रायपुर। ग्रामीण भारत में महिला सशक्तिकरण को मजबूती देने की दिशा में एक अहम पहल के तहत वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर को STREE परियोजना की स्वीकृति दी है। इस परियोजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में महिला कौशल उपग्रह केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां तीन वर्षों में 300 ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीकी और उद्यमिता से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह परियोजना एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) के जरिए लागू होगी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की A2K+ योजना के अंतर्गत संचालित की जाएगी। 36 माह की अवधि के लिए 90 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।
STREE परियोजना के तहत कोसा रेशम से फाइबर निष्कर्षण, आधुनिक बुनाई तकनीक, उत्पाद डिजाइन, उद्यमिता विकास और बाजार से जुड़ाव जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देकर स्थायी आजीविका के अवसर तैयार करना है।
परियोजना के क्रियान्वयन में धमतरी जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी रहेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय और व्यापक पहुंच सुनिश्चित होगी। एनआईटी रायपुर की ओर से परियोजना का मार्गदर्शन निदेशक एन. वी. रमना राव कर रहे हैं, जबकि नेतृत्व सहायक प्राध्यापक अनुज कुमार शुक्ला के हाथों में है।
राज्य सरकार ने भी इस पहल को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया है। महिला कौशल उपग्रह केंद्रों के जरिए तकनीक और परंपरागत संसाधनों का समन्वय कर यह परियोजना छत्तीसगढ़ में समावेशी विकास की नई मिसाल बनेगी।



