जीत के मुहाने से हार की कहानी: तीसरे वनडे में टर्निंग प्वाइंट ने छीनी टीम इंडिया से सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई वनडे सीरीज का पहला अध्याय टीम इंडिया के लिए निराशाजनक अंत लेकर आया। तीन मैचों की इस सीरीज में भारत ने शानदार आगाज तो किया, लेकिन आगे की राह न्यूजीलैंड ने पूरी तरह बदल दी। सीरीज भले ही खत्म हो चुकी हो, मगर हार की टीस अभी बाकी है, क्योंकि टी20 मुकाबले अभी खेले जाने हैं।
साल 2026 की शुरुआत ही भारतीय टीम के लिए झटके के साथ हुई। पहले वनडे में जीत के बाद कमजोर आंकी जा रही न्यूजीलैंड की टीम ने जबरदस्त वापसी की और अगले दो मुकाबले जीतकर भारत की झोली से सीरीज छीन ली। यह पहला मौका रहा, जब न्यूजीलैंड ने भारत की धरती पर कोई वनडे सीरीज जीती। कप्तान शुभमन गिल के लिए यह हार लंबे समय तक याद रहने वाली बन गई है।
निर्णायक तीसरे वनडे में भारत ने शुरुआत में मैच पर पकड़ बना ली थी। न्यूजीलैंड के दो विकेट महज पांच रन पर गिर गए थे और 58 रन पर तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। लगा कि मुकाबला एकतरफा हो जाएगा, लेकिन यहीं से कहानी पलटी। डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने भारतीय गेंदबाजी पर ऐसा प्रहार किया कि मैच का रुख ही बदल गया। दोनों के शतकों की बदौलत न्यूजीलैंड 337 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंच गया।
लक्ष्य बड़ा जरूर था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजी क्रम को देखते हुए नामुमकिन नहीं लग रहा था। हालांकि शुरुआत बेहद खराब रही। रोहित, शुभमन, श्रेयस और केएल राहुल जल्दी आउट हो गए। विराट कोहली ने एक छोर संभाले रखा और नितीश कुमार रेड्डी के साथ उम्मीद जगाई, मगर नितीश और फिर जडेजा के आउट होते ही जीत फिर दूर जाती दिखी।
इसके बाद मैदान पर ऐसा मोड़ आया, जिसने मुकाबले को फिर से रोमांचक बना दिया। कोहली को हर्षित राणा का साथ मिला और दोनों ने लगभग 100 रनों की साझेदारी कर भारत को जीत के करीब ला खड़ा किया। 43 ओवर में जब स्कोर 277 रन पहुंचा, तब जीत की तस्वीर साफ नजर आने लगी थी। लेकिन तभी हर्षित राणा का विकेट गिर गया।
यही वह टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ, जहां से मैच भारत के हाथ से फिसल गया। हर्षित के आउट होते ही बाकी बल्लेबाज टिक नहीं सके। कोहली भी 292 के स्कोर पर आउट हो गए और पूरी टीम 46 ओवर में 296 रन पर सिमट गई। नतीजा—41 रनों से हार और सीरीज न्यूजीलैंड के नाम।




