जनजातीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती, आदिवासी चिकित्सकों के लिए राष्ट्रीय कार्यशाला

रायपुर। देश के जनजातीय बहुल इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए जनजातीय चिकित्सकों के क्षमता निर्माण पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली के तत्वावधान में 16 और 17 जनवरी 2026 को तेलंगाना के हैदराबाद स्थित कान्हा शांति वनम में संपन्न हुआ।
कार्यशाला का उद्घाटन केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने किया, जबकि केंद्रीय राज्य जनजातीय कार्य मंत्री दुर्गादास उइके विशेष रूप से मौजूद रहे।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जनजातीय इलाकों में पारंपरिक और स्थानीय स्वास्थ्य पद्धतियों को सशक्त बनाते हुए जनजातीय उपचारकर्ताओं की क्षमता बढ़ाना रहा। छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सहयोग से राज्य के विभिन्न जनजातीय क्षेत्रों से 19 जनजातीय चिकित्सकों ने इसमें सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली के अपर सचिव मनीष ठाकूर और आईसीएमआर की वैज्ञानिक-डी जया सिंह क्षत्री ने संयुक्त रूप से आईसीएमआर–आरएमआरसीबीबी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिससे जनजातीय स्वास्थ्य अनुसंधान और सेवाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।



