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ग्रामीण विकास को रफ्तार: रोजगार, आवास और महिला सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस

रायपुर। रोजगार और स्वावलंबन से युक्त ग्राम पंचायतों का निर्माण सरकार की प्राथमिकता है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लागू होने से गांवों में विकास की गति और तेज होगी। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बजट में करीब डेढ़ गुना अधिक स्वीकृति दी गई है। यह बात केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही।

उन्होंने छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहे प्रधानमंत्री आवास निर्माण की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए आदर्श मॉडल बताया। साथ ही “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अभियान जल संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहा है।

मंत्री ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना के तहत अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने पर जोर दिया और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रहे। बस्तर संभाग में लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए विशेष रणनीति तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि बस्तर लंबे समय तक विकास से वंचित रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में क्षेत्र के समग्र विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन और आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही एनआरएलएम में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती के निर्देश दिए गए।

महानदी भवन में आयोजित इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 24.58 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 17.60 लाख पूरे हो चुके हैं। पीएम जनमन योजना के तहत 33,246 आवास स्वीकृत हुए, जिनमें 18,373 पूर्ण हो चुके हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 3,416 मकानों को मंजूरी दी गई है। सरकार गठन के बाद मात्र दो वर्षों में 8.41 लाख आवासों का निर्माण पूरा कर छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी बना है।

इसके अलावा प्रदेश में अब तक 8,000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। 5,000 से अधिक मिस्त्रियों को प्रशिक्षण दिया गया है और डेढ़ लाख से ज्यादा आवासों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। बैठक में क्यूआर कोड, दीदी के गोठ और ‘छत्तीस कला’ जैसे नवाचारों की भी जानकारी दी गई।

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