अस्त्र की उड़ान विदेश तक: आर्मेनिया ने भारत से एयर-टू-एयर मिसाइल खरीद पर शुरू की बातचीत

भारत की स्वदेशी रक्षा ताकत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक और पहचान मिलती दिख रही है। आर्मेनिया ने भारत से एयर-टू-एयर मिसाइलों की खरीद को लेकर औपचारिक बातचीत शुरू कर दी है। यह कदम भारत–आर्मेनिया के बीच तेजी से मजबूत हो रहे रक्षा संबंधों का साफ संकेत माना जा रहा है।
इस चर्चा का केंद्र डीआरडीओ द्वारा विकसित अस्त्र मिसाइल है, जो अब भारतीय वायुसेना का पूरी तरह ऑपरेशनल हथियार बन चुकी है। खासतौर पर आर्मेनिया की दिलचस्पी अस्त्र बियॉन्ड-विजुअल-रेंज (BVR) मिसाइल में है, जिसे मई 2025 में पहली बार वायुसेना में तैनात किया गया था।
डीआरडीओ अस्त्र MK-1 को और ज्यादा घातक बनाने में जुटा है। मौजूदा करीब 110 किलोमीटर रेंज को बढ़ाकर 160 किलोमीटर किया जा रहा है, जिसके परीक्षण इसी वर्ष प्रस्तावित हैं। यदि साल के अंत तक समझौता होता है, तो आर्मेनिया को उन्नत 160 किमी रेंज वाला संस्करण मिल सकता है।
आगे चलकर भारत अस्त्र Mk-II पर भी काम कर रहा है, जिसकी रेंज 220 किलोमीटर से अधिक होगी। यह मिसाइल Su-30MKI लड़ाकू विमानों में शामिल की जाएगी। आर्मेनिया के पास मौजूद Su-30SM विमान तकनीकी रूप से Su-30MKI से काफी मिलते-जुलते हैं, जिससे अस्त्र मिसाइल का एकीकरण आसान माना जा रहा है।
यह संभावित सौदा आर्मेनिया की वायुसेना को नई ताकत देगा, वहीं भारत के लिए यह मिसाइल आयातक से निर्यातक बनने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। बातचीत इस बात का प्रमाण है कि भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक अब वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद और युद्ध-तैयार विकल्प के रूप में उभर रही है।




