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इस्तीफा दे सकते हैं भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह

भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह

भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह विवादों के घेरे में हैं. उन पर यौन शोषण जैसे संगीन इल्जाम हैं. हैरानी की बात ये है कि ये इल्जाम लगाने वाला कोई और नहीं बल्कि देश के करीब 30 नामी गिरामी पहलवान हैं. आज फोर्थ आई न्यूज आपको इन्हीं बृजभूषण के बारे में आपको बताने जा रहा है, जो न सिर्फ सियासी मैदान के पहलवान है बल्कि विवादों से भी उनका चोली दामन का साथ है ।
दरअसल, सांसद बृजभूषण सिंह राजनीति के अखाड़े में भी कई सियासी पहलवानों को पटखनी दे चुके हैं. लेकिन इस बार देश की महिला पहलवालों का दांव उन पर भारी पड़ता नजर आ रहा है.
सासंद बृजभूषण शरण सिंह पिछले 11 साल से भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष हैं. वे कैसरगंज लोकसभा सीट से सांसद हैं. 6 बार के सांसद बृजभूषण शरण सिंह को सिर्फ राजनीति ही नहीं बल्कि कुश्ती का भी माहिर खिलाड़ी माना जाता है. बृजभूषण सिंह 2011 से भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बने हुए हैं. बृजभूषण शरण सिंह यूपी के गोंडा जिले के बिशनोहर गांव के रहने वाले हैं. बचपन और युवावस्था में उन्होंने कुश्ती में खूब हाथ आजमाया. इसके बाद उन्होंने 1980 के दशक में छात्र राजनीति की शुरुआत की. वे 1988 में बीजेपी में शामिल हुए. जब राम मंदिर को लेकर आंदोलन हुआ, तो उनकी उग्र हिंदुत्व की छवि ने उन्हें क्षेत्र में लोकप्रिय बना दिया था.
बृजभूषण शरण सिंह पहली बार 1991 में चुनाव लड़े थे. उसके बाद राजनीतिक रूप से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर कैसरगंज सीट से जीत दर्ज की. उसके बाद फिर सपा से भी उनकी राहें अलग हो गईं. 2014 चुनाव से पहले बृजभूषण फिर बीजेपी में शामिल हो गए. 2014 और 2019 में वे बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े और लोकसभा पहुंचे.
इसके साथ ही बृजभूषण शरण का विवादों से भी खासा नाता रहा है । वे अयोध्या में विवादित ढांचे को गिराने के मामले में भी आरोपी बनाए गए थे. लेकिन बाद में कोर्ट ने उनको बरी कर दिया.
साल 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले प्रचार में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर बृजभूषण शरण सिंह ने एक रैली में कहा था कि मायावती उत्तरप्रदेश की गुंडी हैं. मायावती ने मुझे चुनाव के बाद जेल भेजने की धमकी दी थी. अब वह जेल जाएंगी. चुनाव अभियान के दौरान ही बसपा ऑफिस में तोड़फोड़ हुई थी. जिस पर बसपा प्रमुख मायावती ने गोंडा में आयोजित एक रैली में बीजेपी प्रत्याशी बृजभूषण शरण सिंह को गुंडा बताया था. और बसपा कार्यालय में हमले के लिए बृजभूषण को जिम्मेदार ठहराया था.
इसके साथ ही रांची में अंडर-15 नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में WFI अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने एक पहलवान को मंच पर थप्पड़ जड़ दिया था. ये प्रतियोगिता अंडर-15 आयु वर्ग के लिए आयोजित किया गया था और जिस युवा पहलवान को थप्पड़ खाना पड़ा, उसकी उम्र ज्यादा थी. युवा पहलवान का संबंध भी यूपी से ही है. जब उम्र वेरिफिकेशन में वो 15 से ज्यादा का निकल गया तो उसे तकनीकी पदाधिकारियों ने डिसक्वालिफाई कर दिया. इसके बाद वह पहलवान अतिथियों के मंच पर यह सोच कर चढ़ गया कि शायद यहां विनती करने से उसका काम बन जाए. हालांकि, मंच पे जाकर वो जिरह करना लगा और बहस बढ़ती ही गई. उसी मंच पे भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष भी बैठे थे. उन्होंने अपना आपा खोते हुए पहलवान पर हाथ छोड़ दिया.
अब इस नए बवाल से पूरे देश के खिलाड़ियों के बीच गर्माता जा रहा है, और लगता है कि ये विवाद आने वाले वक्त में और बढ़ेगा । आप इस बारे में क्या साचते हैं अपनी राय भी जरूर कमेंट करें ।

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