बजट सत्र में टकराव तेज, हंगामे से लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही ठप

बजट सत्र के दौरान संसद का माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा—दोनों सदनों में तीखे विरोध और नारेबाजी ने कार्यवाही को बुरी तरह प्रभावित किया, जिसके चलते लोकसभा की बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बार-बार हो रहे व्यवधानों पर कड़ी चिंता जताते हुए कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों का सामूहिक दायित्व है। उनका कहना था कि निरंतर हंगामे से संसदीय परंपराएं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर होती हैं।
उधर, राज्यसभा में विपक्ष का विरोध और तेज हो गया। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा, जिसे उन्होंने लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ बताया। विपक्ष ने सदन में अपनी बात रखने की मांग को दोहराया।
इससे पहले संसद परिसर में विपक्षी दलों के फ्लोर लीडरों की अहम बैठक हुई, जिसमें राहुल गांधी भी मौजूद रहे। बैठक में निलंबित सांसदों सहित कई मुद्दों पर आगे की रणनीति तय की गई और सदन में विरोध जारी रखने पर सहमति बनी।
बजट सत्र के सातवें दिन हंगामे की प्रमुख वजह निलंबित सांसदों का मुद्दा, पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित पुस्तक पर बहस और अन्य राजनीतिक प्रश्न बताए जा रहे हैं। जहां विपक्ष सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे कार्यवाही बाधित करने की कोशिश करार दे रहा है।


