क्या टूटेगा दिल्ली का फाइनल श्राप या बेंगलुरु रचेगी नया इतिहास? WPL फाइनल में महामुकाबला

महिला प्रीमियर लीग का खिताबी मुकाबला आज क्रिकेट प्रेमियों के लिए जबरदस्त रोमांच लेकर आ रहा है, जहां दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आमने-सामने होंगी। दिल्ली के लिए फाइनल का मंच नया नहीं है, लेकिन ट्रॉफी अब तक दूर ही रही है। तीन बार फाइनल खेल चुकी दिल्ली हर बार खिताब से चूक गई, जिससे इस मुकाबले का दबाव और बढ़ गया है।
इस सीज़न दिल्ली का सफर आसान नहीं रहा। पिछले वर्षों की तरह सीधा फाइनल टिकट नहीं मिला, बल्कि टीम को उतार-चढ़ाव से गुजरना पड़ा। एक समय प्लेऑफ की उम्मीदें भी डगमगा गई थीं, लेकिन एलिमिनेटर में गुजरात जायंट्स के खिलाफ दमदार जीत ने टीम की किस्मत पलट दी। गेंदबाज़ों के शानदार प्रदर्शन ने दिल्ली को फाइनल में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ पहुंचाया है। अब सवाल सिर्फ एक है—क्या इस बार दिल्ली इतिहास बदल पाएगी?
दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पूरे टूर्नामेंट में स्थिरता और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया है। शुरुआती मुकाबलों में लगातार जीत ने उन्हें मजबूत दावेदार बना दिया। यूपी वॉरियर्स के खिलाफ बड़ी जीत के साथ उन्होंने टेबल टॉपर बनकर फाइनल में जगह बनाई। हालांकि, फाइनल से पहले मिला लंबा ब्रेक उनकी लय पर असर डाल सकता है—यह चिंता दिल्ली खेमे से भी जाहिर हो चुकी है।
यह मुकाबला सिर्फ ट्रॉफी की जंग नहीं, बल्कि रिश्तों और प्रतिस्पर्धा की भी कहानी है। स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स मैदान के बाहर दोस्त हैं, लेकिन फाइनल में दोनों सिर्फ टीम को जीत दिलाने पर फोकस करेंगी। जहां मंधाना पहले ही खिताब का स्वाद चख चुकी हैं, वहीं जेमिमा के लिए यह मैच खुद को नई पहचान दिलाने का मौका है।
वडोदरा की पिच बल्लेबाज़ों के लिए मुफीद मानी जा रही है, जहां औसतन स्कोर 159 के आसपास रहा है। मौसम भी पूरी तरह साथ देगा और बारिश के आसार नहीं हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि आज की रात किसके नाम सुनहरी याद बनकर दर्ज होती है।




