महासमुंद में श्रमिकों का महा-सम्मेलन: 3106 मजदूरों के खातों में 1.51 करोड़ की सीधी मदद, दीदी को मिली ई-रिक्शा से नई उड़ान

रायपुर। श्रमिकों के सम्मान और उनके समग्र विकास को केंद्र में रखकर महासमुंद के विशाल मेगा मार्ट परिसर में जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, जनपद अध्यक्ष दिशा दीवान, स्काउट एवं गाइड के राज्य आयुक्त इन्द्रजीत सिंह गोल्डी और जिलाध्यक्ष ऐतराम साहू सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सम्मेलन के दौरान जिले के 3106 पंजीकृत श्रमिकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 1 करोड़ 51 लाख 57 हजार 630 रुपए की राशि सीधे अंतरित की गई। राशि मिलते ही श्रमिकों में उत्साह और संतोष का माहौल देखने को मिला।
डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। निर्माण और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पंजीयन अद्यतन रखने, श्रम कार्ड बनवाने और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।
विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि श्रमिक समाज और राज्य की प्रगति का आधार हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक मजबूती देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सम्मेलन में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत नयापारा वार्ड की ललिता महानंद को ई-रिक्शा प्रदान किया गया। एक लाख रुपए की सब्सिडी से मिली इस सहायता ने उनके परिवार को नया सहारा दिया। ललिता ने कहा कि अब यह ई-रिक्शा ही उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत बनेगा और उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाएगा।


