धर्म बिल के बाद अब नया घमासान क्या छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज फिर फूटेगा सियासी बारूद

रायपुर। 20 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का 15वां दिन राजनीतिक रूप से बेहद अहम बताया गया। उपलब्ध स्रोत के अनुसार, इस दिन सदन की कार्यवाही में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और फैसलों की संभावना जताई गई। प्रश्नकाल के दौरान मंत्री ओपी चौधरी, राजेश अग्रवाल और रामविचार नेताम से विधायकों के सवालों के जवाब अपेक्षित थे। साथ ही वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा विभिन्न आधिकारिक दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने की जानकारी दी गई। इसी दिन कुल 71 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए जाने की बात कही गई, जिनमें जनहित से जुड़े अलग-अलग विषयों को उठाया जाना था। विधायक पुन्नूलाल मोहले अपनी समिति का प्रतिवेदन पेश करने वाले थे। स्रोत के मुताबिक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी सदन में दो महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत करने वाले थे, जबकि वित्त मंत्री उपकर संशोधन विधेयक लाने वाले थे। इसके अलावा विधायक अजय चंद्राकर और सुशांत शुक्ला द्वारा दो अशासकीय संकल्प भी सदन में रखे जाने की बात सामने आई। खबर में यह भी कहा गया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस के आसार थे, जिससे सदन का माहौल गरमाने की संभावना थी। इससे एक दिन पहले यानी 19 मार्च 2026 को धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित होने का भी उल्लेख किया गया, जिसके तहत अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने पर 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान बताया गया। साथ ही यह भी लिखा गया कि विधानसभा ने 2026-27 के लिए 1.87 लाख करोड़ रुपये का बजट पारित किया है। स्रोत ने बजट सत्र को राज्य की नीतिगत, प्रशासनिक और आर्थिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण विधायी चरण बताया।




