डिजिटल जनगणना का बड़ा प्रयोग, सरकार का दावा या डेटा कंट्रोल का नया तरीका

मध्यप्रदेश सहित देश के पांच राज्यों में 2027 की जनगणना का पहला चरण शुरू हो चुका है, जिसने नई बहस को जन्म दे दिया है। 4 मई 2026 के आसपास जारी रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से की जा रही है, जिसमें मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है।
सरकार के मुताबिक यह प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और पारदर्शी होगी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डेटा सुरक्षा और गोपनीयता पर गंभीर सवाल उठ सकते हैं। इस डिजिटल जनगणना में घर-घर जाकर 33 अलग-अलग पैरामीटर पर जानकारी जुटाई जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हजारों कर्मचारी इस काम में लगे हैं और बड़ी संख्या में परिवार पहले ही ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी जमा कर चुके हैं। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट की उपलब्धता को लेकर चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि यह डेटा केवल नीतिगत योजनाओं के लिए उपयोग किया जाएगा, लेकिन डेटा लीक और निगरानी को लेकर लोगों में चिंता भी देखी जा रही है।




