सरकारी जमीन पर ‘सिस्टम की चुप्पी’—छत्तीसगढ़ में अतिक्रमण का खेल या मिलीभगत?

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी जमीनों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में राजस्व विभाग की एक आंतरिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कई जिलों में हजारों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा है, लेकिन कार्रवाई बेहद धीमी है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया लंबी है, जबकि विपक्ष इसे “प्रशासनिक मिलीभगत” बता रहा है।
विशेष रूप से रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जिलों में शहरी विस्तार के नाम पर सरकारी जमीनों का निजी इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। कई जगहों पर राजनीतिक संरक्षण के आरोप भी लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आदिवासी जमीनों पर भी दबाव बढ़ने की बात सामने आई है, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।
सरकार ने दावा किया है कि डिजिटल रिकॉर्ड और ड्रोन सर्वे के जरिए जल्द ही अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह केवल कागजी कार्रवाई रह जाएगी या वास्तव में जमीन वापस ली जाएगी?




