लोकसभा में नक्सलवाद पर गरजे अमित शाह: “हथियार उठाने वालों को चुकानी होगी कीमत”

रायपुर। लोकसभा में ‘नक्सल मुक्त भारत’ पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा कि व्यवस्था को ठुकराकर हथियार उठाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें इसकी कीमत चुकानी ही पड़ेगी।
उन्होंने नक्सलवाद के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि वर्षों तक भोले-भाले आदिवासियों को गुमराह किया गया और वामपंथी विचारधारा फैलाने के लिए उनका इस्तेमाल किया गया। शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासी इलाकों में बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंचाई गईं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिन क्षेत्रों में घर, स्कूल और मोबाइल टॉवर तक नहीं पहुंचे, उसके लिए जिम्मेदारी कौन लेगा। साथ ही नक्सलवाद का समर्थन करने वालों से भी जवाब मांगा कि 1970 से अब तक इन समस्याओं का समाधान क्यों नहीं किया गया।
गौरतलब है कि संसद में यह चर्चा उस समय हो रही है जब सरकार द्वारा तय की गई समयसीमा—31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने—की डेडलाइन पूरी होने वाली है।




