पर्यावरण दिवस पर दुनिया में बढ़ी चिंता, एल नीनो का खतरा मंडराया

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर जलवायु परिवर्तन एक बार फिर वैश्विक बहस के केंद्र में रहा। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी है कि अगस्त तक एल नीनो (El Niño) बनने की संभावना 80 प्रतिशत से अधिक है और इसके नवंबर तक बने रहने की आशंका 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एल नीनो के कारण दुनिया के कई हिस्सों में सूखा, बाढ़, भीषण गर्मी और कृषि संकट पैदा हो सकता है। एशिया के कई देशों में खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। भारत में भी सामान्य से कम मानसून की संभावना को लेकर चिंता बढ़ी है।
विश्व पर्यावरण दिवस के दौरान विभिन्न देशों में वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। पर्यावरण विशेषज्ञों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य का नहीं बल्कि वर्तमान का संकट बन चुका है।
भारत सहित कई देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में नई योजनाओं की घोषणा की है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में चरम मौसम की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।



