भारतीय नागरिकों पर आंच आई तो खैर नहीं: विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजनयिक को तलब कर दी सख्त चेतावनी!
वाणिज्यिक जहाजों पर हमले पर भारत का कड़ा रुख

होर्मुज जलडमरूमध्य में मचे घमासान और वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों के बीच भारत सरकार ने आक्रामक और बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। समुद्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा और एक भारतीय नागरिक की जान जाने की खबर के बाद, नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय (MEA) ने तुरंत ईरानी उप-राजनयिक (Chargé d’Affaires) को तलब कर अपनी कड़ी नाराजगी दर्ज कराई है।
भारत ने तेहरान को दो टूक लहजे में समझा दिया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में भारतीय जहाजों की आवाजाही और भारतीय क्रू मेंबर्स की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। भारत की नौसेना खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही अपनी गश्त बढ़ा चुकी है और भारतीय हितों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी हिमाकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।
भारत का यह आक्रामक संदेश यह साफ करता है कि आज का भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए किसी भी मोर्चे पर झुकने वाला नहीं है। कूटनीतिक पटल पर भारत ने यह संदेश पूरी दुनिया को दे दिया है कि युद्ध की आड़ में भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




