बीज निगम को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, अध्यक्ष चंद्राकर ने दिए तेजी और वित्तीय अनुशासन के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए गुरुवार को निगम मुख्यालय रायपुर में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने की। इस दौरान आत्मनिर्भर दलहन योजना, बीज उत्पादन कार्यक्रम, किसानों एवं सहकारी समितियों के पंजीयन के साथ निगम की वित्तीय स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
अध्यक्ष चंद्राकर ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध कार्यप्रणाली और वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने आत्मनिर्भर दलहन योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने तथा सभी बीज प्रबंधकों को लक्ष्य के अनुसार काम करने को कहा।
साथी पोर्टल पर किसानों और सहकारी समितियों के पंजीयन की समीक्षा करते हुए उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही अधिक से अधिक किसानों को बीज उत्पादन कार्यक्रम से जोड़ने तथा उन्हें बीज उत्पादन की प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की जानकारी देने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए।
वसूली से सुधरी वित्तीय स्थिति
चंद्राकर ने कहा कि समयबद्ध कार्यप्रणाली और प्रभावी वसूली से बीज निगम की वित्तीय स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने पुराने बीज राशि की वसूली, कृषक अंश की प्राप्ति और मुख्यालय भेजे जाने वाले आंकड़ों के सत्यापन पर विशेष ध्यान देने को कहा। निगम की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता से काम करने के निर्देश दिए।
ई-ऑफिस और समयबद्ध काम पर फोकस
प्रबंध संचालक ने सभी बीज प्रबंधकों को शासकीय कार्य निर्धारित समय में पूरा करने, ई-ऑफिस के माध्यम से कामकाज संचालित करने और एलएस एवं जेकेएस से जुड़े कार्यों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। ऑडिट आपत्तियों की पुनरावृत्ति रोकने, गूगल शीट को प्रतिदिन अपडेट करने और मुख्यालय भेजी जाने वाली जानकारी एवं आंकड़ों की पूरी जांच के बाद ही प्रेषित करने के निर्देश दिए गए।
खरीफ और रबी फसलों की ग्रेडिंग एवं पैकिंग समय पर पूरी करने के साथ कार्यालयीन पंजियों को भी अपडेट और व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया।
गुणवत्तापूर्ण बीज से कोई समझौता नहीं
बैठक में बीज की गुणवत्ता को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। अध्यक्ष ने कहा कि अमानक बीज मिलने पर संबंधित संस्था की टेस्ट रिपोर्ट और जरूरी दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना निगम की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
जरूरत के हिसाब से ही हो बीज भंडारण
चंद्राकर ने बीज बचत की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि कृषि विभाग की मांग के आधार पर ही बीज का भंडारण किया जाए। इसके लिए पिछले वर्षों के आंकड़ों को बेंचमार्क मानकर आवश्यकता के अनुरूप भंडारण करने के निर्देश दिए गए, ताकि अनावश्यक बीज बचत से होने वाली वित्तीय क्षति को रोका जा सके।
मैदानी समस्याओं के समाधान पर समन्वय
अध्यक्ष ने अधिकारियों को प्रत्येक समीक्षा बैठक में पूरी तैयारी के साथ आने और जिम्मेदारी से काम करने की नसीहत दी। मैदानी स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्टर की टीएल बैठक तथा संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करने को कहा गया। यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो मुख्यालय को लिखित रूप से जानकारी देने के निर्देश दिए गए, ताकि निगम की कार्यप्रणाली और साख प्रभावित न हो।
बैठक में प्रबंध संचालक सहित निगम मुख्यालय के अधिकारी-कर्मचारी और सभी बीज प्रबंधक मौजूद रहे।




