वेस्टइंडीज क्रिकेट का गजब ड्रामा: जीत की थाली सजाकर न्यूजीलैंड को थमाई, 1 विकेट की शर्मनाक हार से कैरेबियाई अक्ल पर उठे सवाल!

वेस्टइंडीज क्रिकेट और उनके अप्रत्याशित आत्मघाती फैसलों की कहानी कोई नई नहीं है, लेकिन 20 जुलाई की रात ब्रिजटाउन के केनिंग्सटन ओवल में जो हुआ, उसने बेवकूफी की सारी हदें पार कर दीं। चौथे वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने जीता हुआ मैच बेहद शर्मनाक तरीके से सिर्फ 1 विकेट से न्यूजीलैंड के हाथों गंवा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज की पूरी टीम 44 ओवर्स में महज 188 रनों पर सिमट गई थी। लेकिन इसके बाद कैरेबियाई गेंदबाजों ने घातक गेंदबाजी करते हुए न्यूजीलैंड के 9 विकेट महज 185 रनों पर गिरा दिए थे। जीत की दहलीज पर खड़ी विंडीज टीम को बस 1 विकेट की दरकार थी, लेकिन वहां उन्होंने जो रायता फैलाया, उसकी मिसाल मिलना मुश्किल है।
अंतिम ओवरों में जब न्यूजीलैंड को जीत के लिए केवल कुछ रनों की जरूरत थी और हाथ में सिर्फ एक विकेट बाकी था, तब वेस्टइंडीज के कप्तान और फील्डरों के फैसले किसी स्कूली टीम जैसे नजर आए। मिचेल सेंटनर को आसानी से सिंगल लेने दिए गए, आसान कैच छोड़े गए और दबाव बनाने के बजाय रक्षात्मक फील्डिंग लगाई गई। नतीजा यह हुआ कि न्यूजीलैंड ने 44.1 ओवर में 9 विकेट खोकर 189 रन बना लिए और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
यह सिर्फ एक हार नहीं है, बल्कि यह कैरेबियाई क्रिकेट के पतन और मैदान पर उनकी दिमागी लाचारगी का जिंदा सबूत है। जिस टीम के पास जीत दर्ज करने के लिए पूरा माहौल बना हुआ था, उसने खुद अपने हाथों से अपनी गर्दन पर तलवार चला ली। मैच के बाद वेस्टइंडीज के प्रशंसकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड को अब यह सोचना होगा कि क्या वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने लायक भी बचे हैं या फिर सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना टी20 लीग्स के खिलाड़ी बनकर रह गए हैं?



