भारत की हार पर तीखा प्रहार: ‘लापता मिडिल ऑर्डर और दिशाहीन गेंदबाजी ने लॉर्ड्स में भारत का सिर झुकाया’

लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम ने जो शर्मनाक प्रदर्शन किया है, उसे सिर्फ एक ‘हार’ कहना भारतीय प्रशंसकों के साथ धोखा होगा। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में 387 रनों के विशाल पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 360/7 पर सिमट गई और 27 रनों से मुकाबला गंवा बैठी। कप्तान रोहित शर्मा के शानदार 138 रन और शुबमन गिल के 77 रनों के धमाकेदार अर्धशतक के बावजूद मिडिल ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
क्या कर रही थी भारतीय गेंदबाजी?
पहले गेंदबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों के सामने घुटने टेक दिए। बेन डकेट (141) और जैकब बेथेल (91) ने भारतीय आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं। गुरनूर ब्रार ने 10 ओवर में 97 रन लुटाए, वहीं अर्शदीप सिंह ने 72 रन देकर कोई विकेट हासिल नहीं किया। जब टीम को विकेटों की सख्त जरूरत थी, तब मुख्य गेंदबाज लाइन और लेंथ भूलकर सिर्फ रन लुटाने का काम कर रहे थे।
लापता मध्यक्रम:
387 रनों का पीछा करते हुए रोहित और गिल ने शतकीय साझेदारी से एक बेहतरीन बुनियाद रखी थी। लेकिन इसके बाद ईशान किशन (14), श्रेयस अय्यर (0) और केएल राहुल (12) की गैर-जिम्मेदाराना बल्लेबाजी ने पूरी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दबाव के पलों में इन खिलाड़ियों का रवैया एक गैर-जिम्मेदार टीम जैसा दिखा। क्या करोड़ों प्रशंसकों के विश्वास का यही सिला है? BCCI और मैनेजमेंट को अब कड़े फैसले लेने ही होंगे, वरना सिर्फ बड़े बड़े नामों से मैच नहीं जीते जाते।




