खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में छत्तीसगढ़ का पर्यटन मॉडल चमका, मैनपाट की खूबसूरती ने जीता दिल

रायपुर। ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार और पर्यटन मंडल की व्यवस्थाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान बनाई है। देशभर से आए खेल अधिकारियों और कोचों ने सरगुजा जिले के मैनपाट का दौरा कर यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और आत्मीय आतिथ्य का अनुभव किया।
मैनपाट के प्रमुख आकर्षण—तिब्बती मोनेस्ट्री, रहस्यमयी उल्टा पानी और प्राकृतिक स्थल जलजली—ने मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि मैनपाट न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए एक अनोखा और शांत पर्यटन स्थल है।
भ्रमण के दौरान अतिथियों ने सैला रिसॉर्ट में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद भी लिया। चीला, फरा, ठेठरी-खुरमी जैसे स्थानीय पकवानों की सादगी और स्वाद ने मेहमानों का दिल जीत लिया। उन्होंने भोजन को पौष्टिक और बेहद स्वादिष्ट बताया।
मैनपाट के स्थानीय लोगों के सहज और आत्मीय व्यवहार ने भी आगंतुकों को प्रभावित किया। उनका कहना था कि यहां का अपनापन उन्हें घर जैसा महसूस कराता है।
पर्यटन मंडल की पहल पर खिलाड़ियों, अधिकारियों और कोचों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों से परिचित कराया जा रहा है। इस प्रयास से छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और खानपान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।
खेल और पर्यटन के इस अनूठे मेल ने छत्तीसगढ़ को नई दिशा दी है। अब खेल आयोजन सिर्फ प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जुड़ाव का माध्यम भी बन रहे हैं, जिससे राज्य की सकारात्मक छवि और मजबूत हो रही है।



