छत्तीसगढ़ में 515 नई पैक्स समितियों का शुभारंभ, गांव-गांव तक पहुंचेगी बैंकिंग और कृषि सुविधाएं

रायपुर। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से प्रदेश में 515 नई प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) की शुरुआत की गई। इस पहल को किसानों के लिए बड़ी राहत और सहकारिता आधारित विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इस विस्तार के साथ अब राज्य में कुल सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 2,573 हो गई है। सरकार का लक्ष्य है कि खेती-किसानी को आधुनिक तकनीक और सहकारिता से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाए।
नई पैक्स समितियां अब बहुउद्देश्यीय मॉडल पर काम करेंगी, जिससे किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं गांव के पास ही मिल सकेंगी। साथ ही धान खरीदी की प्रक्रिया भी आसान होगी और किसान अपनी नजदीकी समिति में ही उपज बेच पाएंगे।
प्रदेश में पहले से संचालित 2,058 समितियों को कंप्यूटरीकृत किया जा चुका है और इनमें माइक्रो एटीएम भी लगाए गए हैं, जिनसे किसान 20 हजार रुपये तक की राशि निकाल सकते हैं।
खास बात यह है कि नई 515 समितियों में से 197 आदिवासी क्षेत्रों में स्थापित की गई हैं, जिससे दूरस्थ इलाकों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। भविष्य में इन समितियों को दुग्ध उत्पादन, मछली पालन जैसे सहायक कृषि कार्यों से भी जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा, इन समितियों में लोक सेवा केंद्र भी शुरू किए जाएंगे, जहां एक ही स्थान पर 25 से अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध होंगी। किसानों से अपील की गई है कि वे इन समितियों से जुड़कर अधिकतम लाभ उठाएं और इनके संचालन में भागीदारी करें।




