बस्तर में विकास की नई इबारत: दुर्गूकोंदल में आदिवासी समाज विश्राम गृह का लोकार्पण, माओवाद के अंत का दावा

रायपुर। कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल ब्लॉक मुख्यालय में सर्व आदिवासी समाज कल्याण विश्राम गृह का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम के दौरान आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि बस्तर, जो दशकों तक माओवाद और हिंसा से प्रभावित रहा, अब उस दौर से बाहर निकल चुका है और तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
बाजार चौक में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि माओवाद को समाप्त करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर ठोस रणनीति अपनाई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शांति और विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग—युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे—तक पहुंच रहा है।
मंत्री ने नव-निर्मित विश्राम गृह को आदिवासी समाज के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे सामाजिक गतिविधियों को बेहतर मंच मिलेगा और लोगों को सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस मौके पर विधायक सावित्री मंडावी ने भी क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए भवन को उपयोगी बताया।
गौरतलब है कि इस विश्राम गृह का निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, कांकेर द्वारा पीएसी मद से 43 लाख 08 हजार रुपए की लागत से किया गया है। इससे पहले मंत्री ने भानुप्रतापपुर में जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा की और समाधान का भरोसा दिलाया।




