24 घंटे में यू-टर्न से मचा सियासी तूफान क्या दबाव में झुकी सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में 24 अप्रैल 2026 को बड़ा विवाद उस समय खड़ा हो गया जब राज्य सरकार को अपने ही फैसले से सिर्फ 24 घंटे के भीतर पीछे हटना पड़ा। सरकारी कर्मचारियों की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगाने वाला आदेश जारी किया गया था, लेकिन इस फैसले के खिलाफ तुरंत राजनीतिक और सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई। विपक्ष ने इस आदेश को व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला बताया और इसकी संवैधानिक वैधता पर सवाल खड़े किए।
विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने सफाई देते हुए कहा कि यह कदम केवल प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया था, लेकिन विरोध इतना तेज था कि आदेश को वापस लेना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम ने सरकार की निर्णय प्रक्रिया और राजनीतिक दबाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी जल्दी फैसला वापस लेना यह दिखाता है कि सरकार ने बिना व्यापक विचार-विमर्श के आदेश जारी किया था। वहीं विपक्ष इसे सरकार की कमजोरी और जनता के दबाव के आगे झुकने का उदाहरण बता रहा है।
यह मामला अब सिर्फ एक प्रशासनिक आदेश तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राज्य की राजनीतिक दिशा और शासन की विश्वसनीयता पर भी असर डाल सकता है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।




