धान से धनिया तक: अछरीडीह के किसान रतिराम पटेल ने बढ़ाई आमदनी, बने मिसाल

महासमुंद जिले के विकासखंड महासमुंद अंतर्गत ग्राम अछरीडीह के प्रगतिशील किसान रतिराम पटेल ने पारंपरिक धान खेती से आगे बढ़ते हुए उद्यानिकी फसलों को अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। पहले वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे, जिसमें अधिक लागत के बावजूद सीमित लाभ प्राप्त होता था। बेहतर आमदनी और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी के लिए उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया और साग-सब्जी तथा मसाला फसलों की खेती शुरू की।
वर्ष 2025-26 में रतिराम पटेल ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन की मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के तहत 0.87 हेक्टेयर क्षेत्र में धनिया की खेती की। योजना के अंतर्गत उन्हें 17,400 रुपये का अनुदान डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में प्राप्त हुआ। खेती में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन लागत घटी, जबकि फसल की गुणवत्ता और उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
रतिराम पटेल के अनुसार, धान की खेती की तुलना में धनिया उत्पादन से उन्हें बेहतर लाभ मिला। धनिया की खेती में लगभग 35 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे कम लागत में अधिक आमदनी संभव हुई। इस फसल से उन्हें करीब 50 हजार रुपये तक का लाभ हुआ।
उनकी सफलता से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान और उनके रिश्तेदार भी उद्यानिकी फसलों तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए उत्साहित हो रहे हैं। रतिराम पटेल की यह उपलब्धि क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।




