भीषण मानसूनी तबाही: कई राज्य बाढ़ की चपेट में, प्रशासन फेल, जनता भगवान भरोसे!

देश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने ऐसा तांडव मचाया है कि जनजीवन पूरी तरह तहस-नहस हो चुका है। असम, बिहार और उत्तराखंड के कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं और नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 15 और 16 जुलाई के दौरान आई अचानक बाढ़ (Flash Floods) और भूस्खलन के कारण दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य शहरों से कट गया है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि हर साल की तरह इस बार भी प्रशासन की तैयारियों के खोखले दावे पहली ही बड़ी आफत में बह गए हैं, जिससे जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों से आ रही तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं, जहां लोग अपने घरों की छतों पर बैठकर मदद का इंतजार कर रहे हैं। एनडीआरएफ (NDRF) और सेना की टीमें राहत कार्य में जुटी तो हैं, लेकिन प्रभावितों की संख्या इतनी ज्यादा है कि संसाधन कम पड़ रहे हैं। बिजली और पीने के साफ पानी की भारी किल्लत हो गई है, जिससे महामारियों का खतरा भी मंडराने लगा है। जनता का गुस्सा इस बात पर फूट रहा है कि करोड़ों रुपये के बाढ़ नियंत्रण बजट के बावजूद धरातल पर कोई पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं दिखे। यह प्राकृतिक आपदा से ज्यादा प्रशासनिक नाकामी का नतीजा नजर आ रहा है।



