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पानी के लिए भटकने वाला लरघाडंडी बना मिसाल, जल जीवन मिशन से हर घर तक पहुंचा स्वच्छ जल

रायपुर। भरतपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत दूधांसी के आश्रित गांव लरघाडंडी में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। कभी पेयजल संकट से जूझने वाला यह गांव आज नियमित जलापूर्ति, जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी का सफल उदाहरण बनकर सामने आया है।

कुछ वर्ष पहले तक गांव के लोगों को पानी के लिए हैंडपंप, कुओं और नदी का सहारा लेना पड़ता था। महिलाओं और बुजुर्गों को रोजाना लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ता था, जिससे समय और मेहनत दोनों की भारी खपत होती थी। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा विकसित जल स्रोत, 10 हजार लीटर क्षमता वाली पानी टंकी और मोटर पंप आधारित जलापूर्ति प्रणाली के जरिए गांव में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से घर-घर पानी पहुंचने लगा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और उनकी दैनिक दिनचर्या भी आसान हुई है।

इस परिवर्तन में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की सक्रिय भूमिका और ग्रामीणों की भागीदारी महत्वपूर्ण रही है। गांव में जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। ग्रामीण मिलकर जल स्रोतों के संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

आज लरघाडंडी केवल पेयजल सुविधा से संपन्न गांव नहीं, बल्कि सामुदायिक सहयोग और प्रभावी जल प्रबंधन के जरिए ग्रामीण विकास का प्रेरक मॉडल बन गया है। यह सफलता दर्शाती है कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जनसहभागिता से गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली जा सकती हैं।

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