लोरमी में युवाओं से मिले अरुण साव, बोले- डिग्री के साथ हुनर भी जरूरी, तभी खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते

लोरमी में आयोजित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से संवाद किया और उन्हें अपने हुनर को लगातार निखारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र में चल रही विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया तथा युवाओं के अनुभवों और सुझावों को भी सुना।
अरुण साव ने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को उनकी रुचि और जरूरत के अनुसार निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। एसईसीएल के सहयोग से 1 अप्रैल से 250 युवाओं को कंप्यूटर, सिलाई और ब्यूटी पार्लर से जुड़े प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केंद्र में युवाओं का उत्साह यह दर्शाता है कि वे अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री सफलता की गारंटी नहीं है। पढ़ाई के साथ किसी व्यावहारिक कौशल का होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ब्यूटीशियन, सिलाई और डाटा एंट्री जैसे प्रशिक्षण युवाओं को अतिरिक्त दक्षता प्रदान करते हैं, जिससे रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ती हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ाने का सशक्त साधन भी है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी सीखना और अभ्यास करना बंद न करें, क्योंकि निरंतर सीखने की आदत ही सफलता की असली कुंजी है।
उन्होंने कहा कि अतिरिक्त कौशल व्यक्ति को हर परिस्थिति में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की ताकत देता है और जीवन में नए अवसरों के द्वार खोलता है।




