अमेरिका के हवाई हमलों से दहला ईरान, युद्धविराम खत्म होने के बाद अब बातचीत का ढोंग रच रहे बाइडेन और खामेनेई!
ईरान-अमेरिका टकराव और बातचीत का नाटक

पश्चिम एशिया में चल रहा महायुद्ध अब बेहद खतरनाक मोड़ पर आ चुका है। पिछले 24 घंटों में आई ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8 और 9 जुलाई को ईरान के ठिकानों पर अमेरिकी वायुसेना द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों के बाद अब दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने की खबरें आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने 10 जुलाई को साफ़ कर दिया है कि ईरान की ही गुहार पर वे बातचीत की मेज पर आने को राजी हुए हैं, लेकिन अमेरिका अब पिछले युद्धविराम को पूरी तरह ख़त्म मान चुका है। अमेरिका की इस सैन्य आक्रामकता ने ईरानी खेमे में हड़कंप मचा दिया है। ईरान जो अब तक हरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना एकछत्र राज होने का दावा कर रहा था, अमेरिकी बमबारी के बाद बैकफुट पर दिखाई दे रहा है।
ईरान इस समय संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अन्य खाड़ी देशों को धमकाने में जुटा है ताकि कोई भी देश हरमुज जलमार्ग पर ईरान के नियंत्रण को चुनौती देने में अमेरिका का साथ न दे। लेकिन वाशिंगटन का रुख बेहद सख्त है। अमेरिकी प्रशासन का साफ़ कहना है कि जब तक ईरान परमाणु कार्यक्रम पर अपनी जिद नहीं छोड़ता और अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को ब्लॉक करने की गीदड़भभकी बंद नहीं करता, तब तक उस पर रहम नहीं खाया जाएगा। ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही प्रतिबंधों की मार से कराह रही है और हालिया अमेरिकी हमलों ने उसके मिलिशिया नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। इराक से लेकर सीरिया तक ईरान समर्थित उग्रवादी गुट अमेरिकी मिसाइलों के डर से बंकरों में छिपने को मजबूर हैं। तेहरान अब बातचीत का नाटक रचकर खुद को बचाने का रास्ता ढूंढ रहा है, लेकिन दुनिया जानती है कि अमेरिका इस बार ईरान को पूरी तरह घुटनों पर लाने के मूड में है।




