स्पेन का खूनी खेल: बेल्जियम को 2-1 से रौंदकर सेमीफाइनल में मारी एंट्री, अब एम्बापे के फ्रांस से होगी आर-पार की जंग!

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में कैलिफोर्निया के इंगलेवुड स्टेडियम ने फुटबॉल इतिहास का वो घमासान देखा, जिसने कमजोर दिल वालों की धड़कनें रोक दीं। स्पेन की ‘ला रोजा’ ब्रिगेड ने बेल्जियम के ‘रेड डेविल्स’ के घमंड को 2-1 से चकनाचूर करते हुए सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया है। इस जीत के साथ ही स्पेन ने फुटबॉल की दुनिया को यह साफ संदेश दे दिया है कि उनके रास्ते में जो भी आएगा, वह सिर्फ मलबे की तरह बिखर जाएगा। मैच की शुरुआत से ही स्पेन ने बेल्जियम की डिफेंस लाइन को खिलौना समझकर नचाना शुरू कर दिया था। पेद्रि की जगह सरप्राइज एंट्री पाने वाले फैबियन रुइज़ ने बेल्जियम के स्टार गोलकीपर तिबो कोर्टुआ की गलती का फायदा उठाकर गेंद को सीधे जाल में झोंक दिया और स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी।
हालांकि, बेल्जियम ने पलटवार करते हुए चार्ल्स डी केटेलेरे के शानदार हेडर से बराबरी जरूर की, जिसने स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन के लगातार 560 मिनट तक गोल न खाने के वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ दिया। लेकिन बेल्जियम की यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी। मैच के 71वें मिनट में कोर्टुआ के चोटिल होकर बाहर होते ही स्पेन के सुपर-सब मिकेल मेरिनो ने 88वें मिनट में वो घाव दिया, जिसका इलाज बेल्जियम के पास नहीं था। मेरिनो के इस गोल ने बेल्जियम को टूर्नामेंट से लात मारकर बाहर कर दिया।
इस महाजीत के साथ ही स्पेन का अजेय रथ लगातार 36 मैचों तक पहुंच गया है, जो इटली के 37 मैचों के वर्ल्ड रिकॉर्ड से सिर्फ एक कदम दूर है। लेकिन स्पेन की राह अब और भी ज्यादा खूनी होने वाली है, क्योंकि सेमीफाइनल में उनका सामना डिफेंडिंग हेवीवेट फ्रांस से होगा, जहां किलियन एम्बापे जैसा शिकारी उनका इंतजार कर रहा है। एम्बापे ने मोरक्को को 2-0 से हराकर पहले ही अपनी ताकत दिखा दी है। सेमीफाइनल का यह मुकाबला फुटबॉल नहीं, बल्कि मैदान पर होने वाला विश्व युद्ध होगा।




