यरूशलम से ड्रैगन और पाकिस्तान को लगी मिर्ची! भारत-इजराइल ‘महा-निवेश संधि’ लागू, इजराइली तकनीक पर अब सिर्फ भारत का हक!

मध्य पूर्व में जारी भयंकर युद्ध के बीच भारत और इजराइल के अटूट रिश्तों ने दुनिया को हैरान कर दिया है। पिछले 24 घंटों की सबसे बड़ी रणनीतिक खबर यह है कि भारत और इजराइल के बीच हुआ ऐतिहासिक द्विपक्षीय निवेश समझौता (Bilateral Investment Agreement – BIA) आधिकारिक रूप से पूरी तरह लागू हो गया है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच सुरक्षित और बेखौफ निवेश के एक नए युग की शुरुआत करेगा।
इस संधि के लागू होने से इजराइल की दुनिया की सबसे उन्नत रक्षा, कृषि और सेमीकंडक्टर तकनीक का सीधा रुख भारत की तरफ हो जाएगा। इजराइली निवेशक अब बिना किसी कानूनी अड़चन के भारत में अरबों डॉलर का निवेश कर सकेंगे। भारत की इस कूटनीतिक धमक का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जहां पूरी दुनिया इजराइल से कटना चाहती है, वहीं यरूशलम में आयोजित वैश्विक हेल्थ-टेक समिट (MIXiii Health Tech-IL) में भारतीय राजदूत जे.पी. सिंह की दमदार मौजूदगी ने वैश्विक मंच पर तहलका मचा दिया है।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि भारत जल्द ही यरूशलम में अपनी बड़ी कूटनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। इस संधि ने चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मनों के होश उड़ा दिए हैं, क्योंकि युद्ध के समय में भी इजराइल ने भारत को अपना सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित आर्थिक साझेदार चुना है।



