गणेश चतुर्थी 2026: घर ला रहे हैं बप्पा? जानें क्यों मानी जाती है मिट्टी की मूर्ति सबसे शुभ

(Fourth Eye News): गणेशोत्सव का त्योहार नजदीक आते ही देशभर में गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस बार पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए मिट्टी (इको-फ्रेंडली) के गणेश जी की स्थापना का रुझान तेज़ी से बढ़ा है।
धार्मिक दृष्टिकोण: मिट्टी के गणेश जी का महत्व
पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने भी अपने शरीर के उबटन और माटी से ही बालक गणेश की आकृति बनाई थी और उसमें प्राण फूंक दिए थे। इसलिए मिट्टी की प्रतिमा को ही सबसे शुद्ध और शास्त्र सम्मत माना जाता है।
इको-फ्रेंडली मूर्ति के फायदे
प्राकृतिक विसर्जन: मिट्टी की मूर्ति घर में ही किसी गमले या बाल्टी के पानी में आसानी से विसर्जित हो जाती है, जिसे बाद में पौधों में डाला जा सकता है।
पर्यावरण की रक्षा: प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियाँ नदियों और तालाबों के पानी को प्रदूषित करती हैं, जबकि मिट्टी जल में घुलकर प्रकृति का हिस्सा बन जाती है।



