यमन में फिर भड़की जंग: हूती हमलों से गृहयुद्ध दोबारा बड़े स्तर पर लौटने का खतरा

यमन में 2022 के संयुक्त राष्ट्र समर्थित युद्धविराम के बाद बड़े पैमाने की लड़ाई में कमी आई थी, लेकिन अगस्त 2026 में हालात तेजी से बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यमन 2022 के युद्धविराम के बाद बड़े पैमाने के संघर्ष में लौटने के सबसे गंभीर खतरे का सामना कर रहा है। ईरान समर्थित हूती बलों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सऊदी समर्थित यमनी सरकार के बीच सैन्य गतिविधियां और हिंसा बढ़ी है।
यमनी सरकार के मुताबिक हूती बलों ने मारिब, हद्रामौत और मोचा सहित कई इलाकों में हमले तेज किए हैं। इन हमलों में सैनिकों और नागरिकों के हताहत होने की जानकारी सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रुंडबर्ग ने सभी पक्षों से तनाव कम करने और बातचीत की ओर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए समाधान अभी भी संभव है, लेकिन बढ़ता तनाव इस प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा सकता है।
15 अगस्त की रिपोर्ट में यमन के ताइज़ प्रांत के अल-बरह मोर्चे पर पिछले तीन दिनों में कम से कम 27 हूती लड़ाकों के मारे जाने और 19 के घायल होने का दावा किया गया है। सरकार समर्थित बलों ने कहा कि उन्होंने उसी मोर्चे पर हूती हमले को रोका। ये आंकड़े सरकार समर्थित बलों के हवाले से हैं।
यमन का संघर्ष अब समुद्री सुरक्षा से भी जुड़ गया है। बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में हूती हमलों से जहाजों को खतरा बढ़ा है। 11 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक एक मालवाहक जहाज पर हूती हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हुई थी। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि लाल सागर और अदन की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों पर नए हमले यमन के संघर्ष को व्यापक क्षेत्रीय संकट में बदल सकते हैं।




