भारत में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट से उत्पादन शुरू, अगले वर्षों में 5-8 और प्लांट आने की उम्मीद; PM मोदी का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली। भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़ा अपडेट दिया। लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्रों में उत्पादन शुरू हो चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले वर्षों में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर प्लांट आने की उम्मीद है।
सेमीकंडक्टर को भारत की आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीकी क्षमता के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल फोन, ऑटोमोबाइल, कंप्यूटिंग और आधुनिक तकनीक से जुड़े उद्योगों के लिए चिप निर्माण महत्वपूर्ण है। इसी वजह से भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में सेमीकंडक्टर उत्पादन को भारत की आत्मनिर्भरता से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत अब चिप निर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। तीन संयंत्रों में उत्पादन शुरू होने और आने वाले वर्षों में पांच से आठ और संयंत्रों की संभावना को भारत की तकनीकी क्षमता के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।
भारत के लिए सेमीकंडक्टर क्षेत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक स्तर पर चिप की मांग लगातार बढ़ी है और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका केंद्रीय है। घरेलू उत्पादन बढ़ने से भारत की तकनीकी और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत पर जोर देते हुए तकनीक और उद्योग के क्षेत्र में देश की क्षमता बढ़ाने की बात कही। सेमीकंडक्टर निर्माण इसी व्यापक आत्मनिर्भरता अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रिपोर्टों के अनुसार प्रधानमंत्री ने अगले सात से आठ वर्षों में पांच से आठ नए सेमीकंडक्टर प्लांट आने की बात कही है। वहीं अन्य रिपोर्ट में तीन संयंत्रों में उत्पादन शुरू होने की जानकारी दी गई है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की यह पहल देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चिप निर्माण की क्षमता विकसित होने से भारत वैश्विक तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में सेमीकंडक्टर के साथ महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भरता भी प्रमुख विषय रहे। ‘शक्ति की सप्तधारा’ के जरिए भारत की विकास यात्रा को अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ाने का विजन सामने रखा गया।
भारत में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट से उत्पादन शुरू होने और आगे पांच से आठ नए संयंत्रों की संभावना ने देश के चिप निर्माण अभियान को एक नई दिशा दी है। अब आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं के विस्तार और उत्पादन क्षमता पर देश और उद्योग जगत की नजर रहेगी।



