Uncategorized

जिउतिया व्रत और अष्टमी श्राद्ध का दुर्लभ महासंयोग: 3 अक्टूबर को मिथुन राशि में चंद्रमा का प्रवेश खोलेगा बंद किस्मत के ताले!

आज यानी 3 अक्टूबर 2026, शनिवार का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से एक ऐतिहासिक महासंयोग लेकर आया है। आश्विन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर जिउतिया (जीवित्पुत्रिका) का पावन व्रत और पितृ पक्ष का अष्टमी श्राद्ध एक साथ पड़ रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, चंद्रमा पूरे दिन मिथुन राशि और आर्द्रा नक्षत्र में गोचर कर रहा है, जिससे 4 विशेष राशियों की सोई हुई किस्मत अचानक जागने वाली है।

मिथुन राशि में चंद्रमा के इस बदलाव से मेष, मिथुन, कन्या और धनु राशि के जातकों को अचानक धन लाभ, सरकारी कामों में सफलता और नौकरी में प्रमोशन मिलने के तगड़े संकेत हैं। वहीं, संतान की दीर्घायु के लिए रखे जाने वाले जिउतिया व्रत के प्रभाव से पारिवारिक क्लेश हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे। वैदिक ज्योतिष का यह दुर्लभ गणित साबित करता है कि हमारी सनातन परंपराएं और ग्रह-नक्षत्रों की चाल मानव जीवन को सही दिशा देने में आज भी सबसे सटीक हैं।

आज के दिन पितरों के निमित्त किया गया सात्विक दान और पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाना सभी प्रकार के राहु-शनि दोषों का नाश कर देगा। इस आध्यात्मिक योग का लाभ उठाकर जातकों को अपने कर्म पथ पर मजबूती से आगे बढ़ना चाहिए।

ये खबर भी पढ़ें —:

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button