कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर पहली बार लहराया तिरंगा, कभी नक्सलियों का सबसे सुरक्षित गढ़ था इलाका

छत्तीसगढ़ के बस्तर में 15 अगस्त 2026 का स्वतंत्रता दिवस ऐतिहासिक बन गया। कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर पहली बार तिरंगा फहराया गया। यह वही इलाका है जिसे कभी नक्सलियों का सबसे सुरक्षित गढ़ माना जाता था। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यहां तिरंगा फहराए जाने को सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा गया।
रिपोर्ट के अनुसार, कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर तिरंगा फहराए जाने के दौरान जवानों और स्थानीय प्रशासन के बीच उत्साह का माहौल रहा। वन मंत्री ने इस मौके पर कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इस पहाड़ी पर तिरंगा लहराता देख पाएंगे।
करे्रेगुट्टा क्षेत्र लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों के कारण चुनौतीपूर्ण इलाका रहा है। अब सुरक्षा बलों की मौजूदगी और अभियान के बाद यहां की स्थिति में बड़ा बदलाव सामने आया है। इसी बदलाव के बीच स्वतंत्रता दिवस पर पहाड़ी पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम ने भी कर्रेगुट्टा क्षेत्र को लेकर बताया कि पहाड़ी से नक्सलियों का सफाया हो चुका है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इलाके में अब भी बारूदी सुरंग और बम जैसे खतरे मौजूद हैं, जिन्हें हटाने में समय लगेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई और बस्तर में विकास की दिशा में हो रहे बदलाव को प्रमुखता से रखा।



