बलरामपुर में हुनर बना रोजगार की राह, 287 युवाओं को मिला प्रशिक्षण, 217 को मिली नौकरी

छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत बलरामपुर जिले के लाइवलीहुड कॉलेज में रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। यहां युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप तकनीकी और व्यावहारिक कौशल सिखाया जा रहा है, ताकि वे नौकरी पाने के साथ अपना खुद का व्यवसाय भी शुरू कर सकें।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल के तहत युवाओं को उनकी रुचि और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं के आधार पर अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कॉलेज युवाओं को कौशल, अवसर और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।
फिलहाल कॉलेज में वेल्डिंग और जल संचालक-वितरण ट्रेड में करीब 30 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्हें उपकरणों के सुरक्षित उपयोग, तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक कार्य की बारीकियां सिखाई जा रही हैं, ताकि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वे रोजगार और स्वरोजगार दोनों के लिए तैयार हो सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि यंत्रों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए जल्द ही ट्रैक्टर मैकेनिक ट्रेड का नया बैच भी शुरू किया जाएगा। इसमें ट्रैक्टर की सर्विसिंग, रखरखाव, खराबियों की पहचान और मरम्मत का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा भी दी जा रही है। साथ ही प्रशिक्षण सामग्री, आवश्यक उपकरण और प्लेसमेंट से जुड़ा मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले युवा बिना किसी आर्थिक बोझ के प्रशिक्षण पूरा कर सकें।
योजना के तहत अब तक 287 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 217 रोजगार से जुड़ चुके हैं। प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं का कहना है कि कौशल सीखने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे नौकरी के साथ अपने गांव में स्वरोजगार शुरू करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।




