छत्तीसगढ़ न्यूज़ | Fourth Eye News

गरियाबंद की ग्रामीण महिलाओं ने राखियों को बनाया आत्मनिर्भरता का जरिया

रक्षाबंधन का पर्व गरियाबंद की ग्रामीण महिलाओं के लिए भाई-बहन के स्नेह के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता का अवसर भी लेकर आया है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्थानीय और पारंपरिक सामग्री से आकर्षक राखियां तैयार कर रही हैं। राखियों की बिक्री से उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो रही है और स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है।

मैनपुर विकासखंड में स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने राखी निर्माण और बिक्री का काम शुरू किया है। समूह ने 5 हजार 340 रुपये की लागत से राखियां तैयार कीं और अब तक 11 हजार 258 रुपये की बिक्री दर्ज की है।

वहीं गरियाबंद विकासखंड में संजीवनी संकुल संगठन जोबा से जुड़ा गायत्री स्व-सहायता समूह सढ़ौली की चार महिला सदस्य अलग-अलग डिजाइनों की राखियां तैयार कर रही हैं। इन राखियों में धान-चावल, मूंगा, मटर, झरगा, सेमी और अरहर सहित स्थानीय सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। राखियों की कीमत 5 रुपये से 60 रुपये तक रखी गई है।

छुरा विकासखंड के ग्राम जामली में जय भवानी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने बांस से राखियां तैयार कर उन्हें बाजार तक पहुंचाने की पहल की है। वर्ष 2026 में इस गतिविधि का विस्तार करते हुए समूह ने करीब 1 हजार राखियों का स्टॉक तैयार किया है, जिन्हें रक्षाबंधन के दौरान बेचा जाएगा।

फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम पंचायत रोहिना की जय मां घटारानी स्व-सहायता समूह की सदस्य कोयल साहू भी विजय विकास महिला संकुल संगठन कौंदकेरा से जुड़कर राखियां बना रही हैं। उन्होंने इस वर्ष करीब 5 हजार राखियां तैयार की हैं, जिनकी कीमत 5 से 40 रुपये तक है। समूह ने 10 हजार रुपये की लागत से राखियां तैयार कर अब तक 12 हजार रुपये की बिक्री की है। वर्तमान में करीब 4 हजार राखियां उपलब्ध हैं, जिनसे अनुमानित 16 हजार रुपये तक लाभ होने की संभावना है।

महिला समूहों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए जिले की सभी जनपद पंचायतों में केनोपी के माध्यम से राखी बिक्री स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इन स्टॉलों पर नागरिकों को हस्तनिर्मित राखियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही महिला समूहों के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने की पहल भी की जा रही है। जिला प्रशासन गरियाबंद की ओर से आकांक्षा हाट में भी राखी बिक्री के लिए विशेष स्टॉल लगाया जा रहा है।

ये खबर भी पढ़ें—:

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button