महाराष्ट्र सीमा पर बाघों के शिकार और तस्करी पर कड़ा रुख, मंत्री केदार कश्यप ने दिया बड़ा बयान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने महाराष्ट्र सीमा के पास बाघों के शिकार और वन्यजीव तस्करी के मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। 1 सितंबर 2026 को आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री कश्यप ने कहा कि वन्यजीवों के शिकार और अवैध तस्करी जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र सीमा से लगे वन क्षेत्रों में बाघों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है। सीमावर्ती इलाकों में वन विभाग की गतिविधियों और निगरानी को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है। बाघों का शिकार न केवल वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चुनौती है, बल्कि यह संगठित तस्करी नेटवर्क की सक्रियता की ओर भी संकेत करता है।
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री केदार कश्यप ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव अपराधों पर कार्रवाई के लिए विभाग सतर्क है और दोषियों तक पहुंचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगलों और वन्यजीव संपदा की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
विशेष रूप से महाराष्ट्र सीमा से लगे इलाकों में वन विभाग की चुनौती बढ़ जाती है, क्योंकि अपराधी सीमा का फायदा उठाकर एक राज्य से दूसरे राज्य में आवाजाही कर सकते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसियों और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बाघों के शिकार और उनकी तस्करी के मामले ने एक बार फिर वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। सरकार का रुख साफ है कि जंगल और वन्यजीवों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। अब इस मामले में जांच और कार्रवाई के आगे बढ़ने पर सभी की नजर रहेगी।




