हिंदी दिवस पर दक्षिण बनाम उत्तर का संग्राम, ए राजा के विवादित बयान से भड़की राजनीतिक आग!

14 सितंबर को देश भर में जहाँ हिंदी दिवस का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं भाषा का यह विवाद एक बार फिर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच तलवारें खींच चुका है। DMK के उप महासचिव ए. राजा के एक तीखे और विवादित बयान ने इस विवाद की आग में घी डालने का काम किया है।
केंद्र सरकार की राजभाषा नीति और तमिलनाडु के कानून मंत्री के खिलाफ दिए गए ए. राजा के विवादित बयानों के बाद बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। हालाँकि बढ़ते चौतरफा दबाव के बाद ए. राजा ने अपने शब्दों पर खेद जताते हुए उन्हें वापस लेने की बात कही, लेकिन तब तक तीर कमान से निकल चुका था। बीजेपी नेताओं ने इसे भारतीय संस्कृति और हिंदी भाषा का सरेआम अपमान करार देते हुए ए. राजा की गिरफ्तारी की माँग कर दी है। भाषा को लेकर शुरू हुआ यह घमासान अब भाषाई अस्मिता से हटकर विशुद्ध रूप से ज़हरीली राजनीति का रूप ले चुका है।


